अध्याय 2 सॉरी टू यू

रोनाल्ड जब आखिरकार चुम्बन से अलग हुआ, तब तक एडेलीन लगभग हाँफने लगी थी।

वह हल्का-सा हँसा। “पहले कभी किस नहीं किया?”

एडेलीन उसके नीचे पड़ी थी—सुन्न-सी, और साँसें काबू में लाने की जद्दोजहद करती हुई। सच तो यह था कि उसे समझ ही नहीं आता था कि किस करते हुए ठीक से साँस कैसे ली जाती है।

अपने “बस दोस्त” वाले रिश्ते को बनाए रखने के लिए, उनके बीच हाथ पकड़ना और गले लगना ही हद थी।

दो बार जब वे किस तक पहुँचे भी थे, बात लगभग हद से आगे बढ़ गई थी—इसी वजह से उसके बाद उसने इससे बचना शुरू कर दिया। रही बात तरीके की, तो उसके पास दिखाने लायक कुछ था ही नहीं।

हालाँकि उसे यह आदमी भी कोई खास माहिर नहीं लगा, फिर भी वह उससे ज़्यादा अनुभवी था।

“किसने कहा मैं नहीं कर सकती?” एडेलीन के भीतर की प्रतिस्पर्धा अचानक भड़क उठी। उसने उसकी टाई पकड़कर उसे नीचे खींचा और धक्का देकर सोफे पर गिरा दिया।

वह उसके ऊपर बैठ गई, जैसे कुछ साबित करना हो—और गुस्से में उसके होंठों को हल्का-सा काटते हुए उसे चूमने लगी।

चूमते-चूमते उसे एलिसा की “किसिंग क्लास” याद आ गई—

जीभ का इस्तेमाल करो, हाथों के साथ तालमेल रखो, और अपना शरीर उसके शरीर से सटा दो।

जैसे-जैसे वह वैसा करती गई, रोनाॅल्ड के बदन में असहनीय गर्मी फैलने लगी; नीचे की तरफ़ दर्दभरी धड़कन उठने लगी।

सबसे ज्यादा सम्मोहक थीं एडेलीन की वो बेडरूम वाली आँखें—किस के दौरान उन पर धुंध-सी चढ़ आई थी, और उसके असर से बच पाना नामुमकिन था।

वह उतावलेपन में उसे चूमती रही, अनाड़ीपन से उसकी टाई खींचकर उतार दी, फिर उसकी शर्ट, और आखिर में उसकी बेल्ट भी।

जैसे ही उसकी मर्दानगी उसकी नज़र में आई, उसका हाथ अचानक ठिठक गया।

“क्या हुआ?” रोनाॅल्ड की आवाज़ भारी और खुरदुरी निकल गई, और वह ऊपर की ओर धक्का देकर अपनी बेचैनी जता बैठा।

“कॉनडम… कॉनडम चाहिए!” एडेलीन का चेहरा टमाटर-सा लाल हो गया, और वह घबराकर सुरक्षा ढूँढने लगी।

नशे में होने के बावजूद इस मामले में उसकी समझ सलामत थी।

जब तक उसे कॉनडम मिला, रोनाॅल्ड खुद को पूरी तरह नंगा कर चुका था। एडेलीन मुड़ी, और उसकी उभरी हुई उत्तेजना से सीधे सामना हो गया।

उसने अनायास ही लार निगली, और एलिसा की बात याद आ गई—“पहली बार चाहे जितना भी सिर घुमा देने वाला हो, उसके बाद तीन दिन तक चलना भी मुश्किल हो जाएगा।”

वह सोच में ही डूबी थी कि रोनाॅल्ड उसके हाथ से कॉनडम ले चुका था।

उसने पैकेट पर साइज देखा और उसे सीधे कूड़ेदान में उछाल दिया। “छोटा है।”

“क्या?”

एडेलीन कुछ समझ पाती, उससे पहले ही रोनाॅल्ड ने उसे उठा लिया था। उसके बड़े हाथ लगातार उसकी जाँघों और कूल्हों को सहला रहे थे, और उसके होंठ उसके स्तन के निप्पल को पकड़ चुके थे।

एडेलीन के मुँह से कराह निकल गई—वह डरपोक भी महसूस कर रही थी और काँप भी रही थी।

अचानक उसके कानों में रोनाॅल्ड की मुलायम हँसी पड़ी। “डर गई?”

“हाँ, जैसे!” एडेलीन ने तिरस्कार से नाक सिकोड़ी और तुरंत बागडोर अपने हाथ में ले ली, रोनाॅल्ड को सोफे से कसकर चिपका दिया…

अगली सुबह, खिड़की से आती धूप ने एडेलीन की नींद तोड़ी।

उसे धुँधली-सी याद थी—रोनाॅल्ड का खूबसूरत चेहरा, उसके परफेक्ट एब्स, और उसकी बेरहम-सी लगातार चलती हरकतें। पहले कभी न मिली सुख की लहरें उसके पूरे शरीर में दौड़ गई थीं, बीच-बीच में दर्द की चुभन के साथ।

यह सोचकर कि शायद कोई कामुक सपना रहा होगा, एडेलीन ने एक आह भरी और आँखें खोल दीं।

“तुम!” रोनाॅल्ड को अपने पास लेटा देख वह झट से चादर में लिपट गई—और जैसे ही हिलने लगी, नीचे के हिस्से में तेज़ दर्द उठा, वह लगभग गिर ही पड़ी।

“संभलकर!” रोनाॅल्ड ने उसे थामने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन एडेलीन ने हड़बड़ाकर उसे दूर धकेल दिया।

एडेलीन ने उसका हाथ झटक दिया, उसका चेहरा जल रहा था।

उस हरकत से चादर पर हल्का-सा दाग दिखाई दे गया, और रोनाॅल्ड के चेहरे का भाव थोड़ा बदल गया। “क्या… ये तुम्हारी पहली बार थी?”

कल रात वह इतनी जोशीली और आगे बढ़कर सब कर रही थी, फिर भी वह कुंवारी?

रोनाॅल्ड को खुद भी इस मामले में बहुत अनुभव नहीं था, और उसे लगा कि शायद उससे कुछ गड़बड़ हो गई है।

लेकिन उसकी आवाज़ पूरी तरह सपाट रही, और एडेलीन को लगा जैसे वह उसे झंझट समझ रहा हो।

उसे लगा कि वह एक रात के रिश्ते में फँस जाने से चिढ़ गया है।

“न-नहीं! शायद मेरी पीरियड्स शुरू होने वाली है। मैं देखती हूँ।”

चेहरा तपता हुआ, बिना एक पल रुके, वह चादर को कसकर अपने चारों ओर लपेटे बाथरूम में तेज़ी से घुस गई।

रोनाल्ड के जिस्म की बड़ी कद-काठी याद आते ही एडेलीन की खोपड़ी तक सिहर उठी। तभी तो उसे इतनी दर्द हो रही थी!

पता नहीं कितना वक्त बीत गया, फिर उसे दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई—मतलब वह जा चुका था।

वह धीरे से बाथरूम से निकली, पहले देख लिया कि वहाँ कोई नहीं है, फिर राहत की साँस ली—और तुरंत अपनी ही लापरवाही को कोसने लगी।

तब वह इतनी झुँझलाहट में थी कि उसका बड़े जतन से तय किया हुआ “पहली बार” वाला दिन बेकार चला गया था, तो उसने सोच लिया था—चलो, किसी हैंडसम लड़के के साथ एक रात ही सही।

अब उसे पछतावा हो रहा था। लड़का सच में बेहद आकर्षक था, लेकिन उसे सच में बहुत दर्द हो रही थी।

उसी पल उसका फोन बजा, और उसने फौरन उठा लिया।

“हैलो, ओप्युलेंट ट्रेज़र्स के एचआर विभाग से बोल रहे हैं। एडेलीन, बधाई हो, आप इंटरव्यू के आख़िरी राउंड तक पहुँच गई हैं। कृपया सुबह ठीक 10 बजे हमारी कंपनी पहुँच जाएँ।”

“जी, मैं समय पर पहुँचूँगी!”

एडेलीन खुशी से लगभग चीख ही पड़ती।

इतनी सारी कंपनियों में इंटरव्यू देने के बाद, आखिरकार जिस कंपनी को वह पसंद करती थी, उसने उसमें दिलचस्पी दिखाई थी।

देखा तो एक घंटे से भी कम वक्त था। उसने तकलीफ़ सहते हुए घर भागकर कपड़े बदले, और कंपनी जाते हुए रास्ते में दवा की दुकान पर भी रुक गई।

कल वह उसके लुक्स में इतनी खो गई थी कि उन्होंने कोई सुरक्षा नहीं इस्तेमाल की थी। वो महँगा कंडोम वाला डिब्बा अब कहाँ गया होगा, किसे पता।

उस खूबसूरत अजनबी की बेकाबू शिद्दत याद करके उसे लगा—इतना जंगली… पक्का ये उसकी पहली बार तो नहीं होगी? यानी वह कई लोगों के साथ रह चुका होगा?

एडेलीन कंपनी के लॉबी में पहुँचकर लिफ्ट का इंतज़ार करने लगी, और उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी।

अगर उसे कोई बीमारी हुई तो? क्या उसे अस्पताल जाकर कोई बचाव वाला इंजेक्शन लगवाना चाहिए? अगर उसे एचआईवी हुआ तो?

ये सब खयाल सिर में दौड़ते हुए उसने झट से बैग से इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली निकाली और मुँह में डाल ली। बड़ी सी गोली गले में अटकते-अटकते बची।

“पानी पी लो।”

अचानक उसके सामने एक थर्मस आ गया, और बिना सोचे एडेलीन ने बड़ा सा घूँट भर लिया।

आख़िरकार गोली निगलकर उसने आभार से पलटते हुए कहा, “थैंक यू—”

उसकी आवाज़ एकदम बीच में ही रुक गई, आँखें हैरानी से फैल गईं।

जिस आदमी के साथ उसकी एक रात गुज़री थी, वही उसके ठीक पीछे खड़ा था!

रोनाल्ड ने सहज ही उसके हाथ में पकड़े दवाई के डिब्बे की तरफ हाथ बढ़ाया। “तुम बीमार हो?”

एडेलीन ने फौरन वो दवाई का डिब्बा बैग में ठूँस दिया, उसकी आवाज़ भारी-सी हो गई। “नहीं।”

उसकी आवाज़ सुनते ही वे दोनों ठिठक गए।

कल रात की तीव्रता में वह इतनी बोलती रही थी कि आज उसकी आवाज़ पूरी तरह बैठ गई थी।

रोनाल्ड की नज़र उसके गले पर पड़े हल्के-हल्के निशानों पर गई। उसकी कंठ की उभार ऊपर-नीचे हुआ, और कल रात की यादें उसके मन में साफ़-साफ़ उभर आईं। अच्छा लगा था।

नहीं—कमाल का लगा था।

एडेलीन का चेहरा सुर्ख़ हो गया।

“ऊपर जा रही हो?” उसकी आवाज़ सुनते ही एडेलीन ने अनायास सिर हिला दिया और जल्दी से लिफ्ट में घुस गई।

रोनाल्ड उसके बगल में आकर खड़ा हो गया, जबकि वह खुद को कोने में समेटने की कोशिश करने लगी।

यह यहाँ क्यों है? क्या यह भी ओप्युलेंट ट्रेज़र्स का कर्मचारी है? यानी रोज़ आमना-सामना… कितनी शर्मनाक बात होगी!

उधर, ओप्युलेंट ट्रेज़र्स के हर-हर वर्क ग्रुप चैट में हड़कंप मचा हुआ था।

बार में रोनाल्ड की एक फोटो—जिसमें वह उसके पास बैठी एक महिला को बड़े नर्म अंदाज़ में देख रहा था—धड़ल्ले से शेयर हो रही थी।

महिला का बस सिर का पिछला हिस्सा दिख रहा था, लेकिन रोनाल्ड का चेहरा बिल्कुल साफ़ था। और उसकी आँखों में जो नर्मी थी—एकाग्र, लगभग स्नेहिल—वह सबको दंग करने के लिए काफी थी।

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